रुत

( 53 customers rating )
By Rahat Indori more
15374 Views
Selling Price : ₹224.20
MRP : ₹295.00
You will save : ₹70.80 after 24% Discount

Enter your email id to read this ebook
Submit

Save extra with 3 Offers

Get ₹ 50

Instant Cashback on the purchase of ₹ 400 or above
SAFE5 Already Applied

NEW35

Get Flat 35% Off on your First Order

Product Specifications

Publisher Vani Prakashan All Hindi books by Vani Prakashan
ISBN 9789386799074
Author: Rahat Indori
Number of Pages 126
Available
Available in all digital devices
  • Snapshot
  • About the book
  • Sample book
रुत - Page 1 रुत - Page 2 रुत - Page 3 रुत - Page 4 रुत - Page 5

रुत by Rahat Indori
Book Summary:

इन्दौर की शायरी एक खूबसूरत कानन है, जहाँ मिठास की नदी लहराकर चलती है। विचारों का, संकल्पों का पहाड़ है जो हर अदा से टकराने का हुनर रखता है। फूलों की नाजुकता है जो हर दिल को लुभाने का हुनर रखती है और खाइयों की सी गहराई है जो हर दिल को अपने में छुपाने का हुनर रखती है। वे हर रंग की शायरी करते हैं जिसमें प्यार का, नफरत का, गुस्से का, मेल-मिलाप के रंग बिखरे पड़े है।

मेरी आँखों में कैद थी बारिश तुम ना आये तो हो गई बारिश आसमानों में ठहर गया सूरज नदियों में ठहर गई बारिश

राहत अपनी शायरी में दो तरह से मिलते हैं​ - ​एक दर्शन में और एक प्रदर्शन में। जब आप उन्हें हल्के से पढ़ते हैं तो केवल आनन्द आता है, लेकिन जब आप राहत के दर्शन में, विचारों में डूबकर पढ़ते हैं तो एक दर्शन का अहसास हो जाता है। और जब आप दिल से पढ़ते हैं तो वह आपके दिलो-दिमाग पर हावी हो ​​जाएँगे और शायरी की मिठास में इतने खो जाएँगे कि बरबस ही शायरी आपके​ ​​होंठों पर कब्जा कर लेगी और आप उसके स्वप्निल संसार में गोते लगाए बिना नहीं रह पाएँगे।

तेरी आँखों की हद से बढ़कर हूँ, दश्त मैं आग का समन्दर हूँ। कोई तो मेरी बात समझेगा, एक कतरा हूँ और समन्दर हूँ।

x

Sold Just Now! 🔥

Ramesh Purchased Legal Aspects Of Business, just now!