Bharat Ka Vrihat Bhugol

Bharat Ka Vrihat Bhugol

2620 Views
MRP : ₹600.00
Price : ₹427.50
You will save : ₹172.50 after 29% Discount
Inclusive of all taxes
INSTANT delivery: Read it now on your device

Save extra with 2 Offers

Get ₹ 50

Instant Cashback on the purchase of ₹ 400 or above
SAFE5 Already Applied

Product Specifications

Publisher Sahitya Bhawan All UPSC books by Sahitya Bhawan
ISBN 9789353398200
Author: Dr. Chaturbhuj Mamoriya, Dr. K. L. Gupta
Number of Pages 882
Edition Nineteenth Revised Edition
Available
Available in all digital devices
  • Snapshot
  • About the book
  • Sample book
Bharat Ka Vrihat Bhugol - Page 1 Bharat Ka Vrihat Bhugol - Page 2 Bharat Ka Vrihat Bhugol - Page 3 Bharat Ka Vrihat Bhugol - Page 4 Bharat Ka Vrihat Bhugol - Page 5

भारत का वृहत भूगोल by Dr. Chaturbhuj Mamoriya, Dr. K. L. Gupta
Book Summary:

डॉ. चतुर्भुज मामोरिया द्वारा रचित * भारत का बृहत्‌ भूगोल' नामक पुस्तक का परिवर्धित एवं अद्यतन संस्करण हिन्दी जगत में अपने समय से विशिष्ट एवं प्रामाणिक बनकर छात्रों, प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए विशेष महत्वपूर्ण बना रहा है। इसकी मांग इसी कारण सभी वर्गो के विद्वानों एवं विज्ञ छात्रों में निरन्तर बनी हुई है।

अतः भारत के बारे में हिन्दी भाषा के माध्यम से उपयुक्त सभी प्रकार की जानकारी चाहने वाले छात्रों, शोधकर्ताओं, विद्वानों एवं विशेषज्ञों के लिए यह ग्रन्थ अवश्य ही पूर्व की भांति विशेष उपयोगी बना रहेगा एवं सभी इससे निरन्तर लाभान्वित होंगे, ऐसा संशोधनकर्ता एवं प्रकाशक का भी विश्वास है।

इस बृहत्‌ ग्रन्थ का आद्योपान्त संशोधन करते समय प्राय: सभी स्रोतों से प्रात्त नवीनतम ज्ञान के ग्रन्थों, पत्र-पत्रिकाओं , वार्षिकी सन्दर्भ ग्रन्थों आदि का प्रकरणवार सहारा लिया गया है। इसके लिए भारत सरकार के प्रकाशन विभाग एवं विभिन्‍न मन्त्राल्यों द्वारा उपलब्ध कराई गई नवीन जानकारी, भारत की विशेष समस्याओं से सम्बन्धित सम्मेलनों की रिपोर्ट व विशेषांक, भारतीय उद्योगों एवं अर्थतन्त्र पर रिजर्व बैंक एवं अन्य स्वतन्त्र संगठनों द्वारा प्रस्तुत नियमित वार्षिकी या विशेषांक, आर्थिक समीक्षा 2018-19, भारत 2019, पॉंकिट बुक ऑफ एग्रीकल्चरल स्टेटिस्टिक्स 2018, वन स्थिति रिपोर्ट 2017, 20वीं पशुधन गणना, आदि के आधार पर पुस्तक को अद्यतन बनाने का हर सम्भव प्रयास किया गया है। ऐसा करने का एकमात्र उद्देश्य इस बृहतु ग्रन्थ की अक्षुण्णता को बनाये रखते हुए इसकी उपयोगिता में सतत एवं तथ्यात्मक वृद्धि करना रहा है।

Audience of the Book :
This book Useful for Political Science Students.