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अख्तरी सोज़ और साज़ का अफसाना

By Yatindra Mishra more
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Product Specifications

Publisher Vani Prakashan All Hindi books by Vani Prakashan
ISBN 9789388684811
Author: Yatindra Mishra
Number of Pages 276
Edition First Edition
Available
Available in all digital devices
  • Snapshot
  • About the book
अख्तरी सोज़ और साज़ का अफसाना - Page 1 अख्तरी सोज़ और साज़ का अफसाना - Page 2 अख्तरी सोज़ और साज़ का अफसाना - Page 3 अख्तरी सोज़ और साज़ का अफसाना - Page 4 अख्तरी सोज़ और साज़ का अफसाना - Page 5

अख्तरी सोज़ और साज़ का अफसाना by Yatindra Mishra
Book Summary:

पुराने दौर के संगीत और उसकी रवायत पर पर्दा उठाने की तरह है यह क़िताब। एक ऐसा दस्तावेज़, जो अख़्तरीबाई फ़ैज़ाबादी की ज़िन्दगी और संगीत पर आधारित है ...जिसमें अवध की ढेरों रोशन महफ़िलें और उनकी शामें धड़कती हैं, जिसमें एक अदाकारा का अतीत, इतिहास के पन्नों से निकलकर उस समय की नुमाइन्दगी करता है, जिसने ठुमरी और दादरा के अलावा ग़ज़ल की सबसे नामी शख़्शियत अख़्तरीबाई फ़ैज़ाबादी या बेगम अख़्तर का मोहक किरदार गढ़ा है।

खड़ी और बैठकी महफ़िलों, राजदरबारों और नवाबों के यहाँ सजायी गयी संगीत की शामों, किराना और पटियाला घराने के बीच कहीं नाज़ुकी के साथ मौजूद गायिकी की बेहतरीन अदाकारी, अल्फ़ाज (शब्द) और अदब (साहित्य) से सजा रहने वाला दीवानखाना, साथ ही क़िस्से, कहकहों, गुफ़्तगू, मजलिसों, महफ़िलों, उर्स, दरगाह, मेलों, रेकॉर्डिग्स और संगीत सभाओं में दी जाने वाली प्रस्तुतियों के बीच से उभरती एक ज़हीन और ईमानदार तबीयत वाली फ़नकारा की दास्तानगोई का दिलचस्प पाठ है-‘अख़्तरी : सोज़ और साज़ का अफ़साना'। ...इस अफ़साने में दर्द है, तड़प और बेचैनी। साथ ही, संगीत को बुलन्दियों पर पहुँचा देने वाली एक निराली कोशिश, जिसमें वह पुरकशिश आवाज़ और उसकी पुकार, तान, ...जैसे कई दफा, दर्द की कहानी को परे धरते हुए इबादत की आवाज़ बन जाया करती है।

ऐसी अख़्तरीबाई फैज़ाबादी उर्फ बेगम अख़्तर उर्फ़ मलिका-ए-ग़ज़ल की कहानी उनके क़द्रदानों, संगीत-रसिकों और इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले पाठकों के दरपेश है...

Audience of the Book :
This book Useful for Leisure Read.

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